1.      हर एक बात पे कहते हो तुम के  तू क्या है ?
तुम्हीं कहो के ये अंदाज़-ए-गुफ्तगू क्या है  ?

[ गुफ्तगू = conversation]

2.      ना शोले में ये करिश्मा ना बर्क़ में ये अदा
कोई  बताओ  कि वो शोखः-ए-तुंद-ख़ू  क्या  है ?

[ बर्क़ = lightening; तुंद = sharp/angry; ख़ू = behaviour]

3.      यह रश्क  है कि वो होता है हम-सुख़न तुमसे
वागरना   ख़ौफ-ए-बद-आमोज़ी-ए-अदू   क्या  है ?

[ रश्क = jealousy; हम-सुख़न = to speak together/to agree;
ख़ौफ = fear; बद = bad/wicked; आमोज़ी = education/teaching;
अदू = enemy ]

Listen This



4.      चिपक रहा है बदन पर लहू से पैराहन
हमारी  जेब को अब  हाजत-ए-रफू  क्या है ?

[ पैराहन = shirt/robe/cloth; हाजत = need/necessity; रफू = mendnig/darning]

5.      जला है जिस्म जहां दिल भी जल गया होगा
कुरेदते  हो जो अब  राख,  जूस्तजू क्या  है ?

[ जूस्तजू = desire ]

6.      रगों में  दौड्ते फिरने  के हम नहीं क़ायल
जब आँख ही से ना टपका तो फिर लहू क्या है ?

7.      वो चीज़ जिसके लिए हमको हो बहिश्त अज़ीज़
सिवाय बादा-ए-गुल-फाम-ए-मुश्कबू क्या है ?

[ बहिश्त = heaven; बादा = wine; गुल-फाम = delicate and fragrant like flowers; मुश्कबू = like the smell of musk]

8.      पियूं शराब अगर ख़ूं भी देख लूं दो चार
यह   शीशा-ओ-क़दा-ओ-कूज़ा-ओ-सूबू   क्या  है ?

[ खूं = wine barrel; क़दा = goblet; कूज़ा/सूबू = wine pitcher]

9.      रही ना ताक़त-ए-गुफ़्तार, और अगर हो भी
तो किस उम्मीद पे  कहिए के आरज़ू  क्या है ?

[ गुफ़्तार = speech/discourse]

10.     हुआ  है  शाह का मुसाहिब, फिरे है इतराता
वागरना शहर में ग़ालिब' की आबरू क्या है ?

[ मुसाहिब = comrade/associate]

 

Add comment


Security code
Refresh