उनके देखे से जो आ जाती है मुँह पर रौनक़
वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है


देखिए पाते हैं उश्शाक़ बुतों से क्या फ़ैज़
इक ब्राह्मण ने कहा है कि ये साल अच्छा है

हमको मालूम है जन्नत की हक़ीकत लेकिन
दिल को खुश रखने को ग़ालिब ये ख़याल अच्छा है

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Full Nazm

1. हुस्न-ए-माह, गरचे बा-हंगामा-ए-कमाल अच्छा है
उससे मेरा माह-ए-ख़ुर्शीद-ए-जमाल   अच्छा  है


[ माह = moon, ख़ुर्शीद = sun, जमाल = beauty ]

2. बोसा  देते नहीं और दिल पे है हर लहज़ा निगाह
जी में कहते हैं, मुफ़्त आए तो माल अच्छा है


[ बोसा = kiss ]

3. और   बाज़ार  से  ले  आए   अगर  टूट  गया
साग़र-ए-जाम से मेरा जाम-ए-सिफाल अच्छा है


साग़रे-ए-जाम = Badshah's Jamshed's cup, जाम-ए-सिफाल = clay cup ]

4. बे-तलब  दें तो मज़ा  उसमें  सिवा  मिलता है
वो गदा जिसको ना हो ख़ू-ए-सवाल अच्छा है


[ बे-तलब = without any enquiry, गदा = beggar, ख़ू = habit ]

5. उनके देखे से जो आ जाती  है मुँह पर रौनक़
वो समझते हैं के बीमार का हाल अच्छा है


6. देखिए  पाते हैं  उश्शाक़  बुतों से क्या फ़ैज़ ?
इक ब्राहमण ने कहा है, के यह साल अच्छा है


[ उश्शाक़ = lovers, फ़ैज़ = profit ]

7. हम-सुख़न  तेशे  ने फरहाद को शीरीण  से किया
जिस तरह का भी किसी में  हो कमाल अच्छा है

[ हम-सुख़न = together, तेशा = axe ]

8. क़तरा  दरिया  में  जो मिल जाए तो दरिया हो जाए
काम  अच्छा  है  वो,  जिसका  माल  अच्छा  है


[ माल = result ]

9. ख़िज्र सुल्तान  को रखे ख़ालिक़-ए-अकबर सर-सब्ज़
शाह के बाग़ में यह ताज़ा निहाल अच्छा है


[ ख़िज्र सुल्ताण = one of Badshah Zafar's sons; ख़ालिक़ = The Creator/God; अकबर = greatest, सर-सब्ज़ = fertile, निहाल = tree ]

10. हमको    मालूम    है   जन्नत  की  हक़ीक़त   लेकिन
दिल के ख़ुश रखने को ग़ालिब' यह ख़याल अच्छा है

 

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