ज़ुल्मत कदी में मेरी शब-ए-ग़म का जोश है
इक शम्मा है दलील-ए-सहर, सो ख़ामोश है

शब्दावली:

ज़ुल्मत=अंधेरा; दलील=सबूत; सहर=सुबह

 


दाग़-ए-फ़िराक़-ए-सोहबत-ए-शब की जली हुई
इक शम्मा रह गई है सो वो भी ख़ामोश है

शब्दावली:

फ़िराक़=जुदाई; सोहबत=साथ; शब=रात; शम्मा=दिया

 

आते हैं ग़ैब से ये मज़ामीं ख़याल में
ग़ालिब सरीर-ए-ख़ामा नवा-ए-सरोश है

शब्दावली:

ग़ालिब=छुपा हुआ/रहस्यमय; मज़ामीं=विषय; सरीर=कलम के घिसने की आवाज; ख़ामा=कलम; नवा=आवाज; सरोश=फरिश्ता/देवता

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Full Nazma

1.      ज़ुल्मत कदी में मेरी शब-ए-ग़म का जोश है
इक शम्मा है दलील-ए-सहर, सो ख़ामोश है

[ ज़ुलमत = darkness; दलीले = proof; सहर = morning ]

2.      नई  मुज़दा-ए-विसाल  ना  नज़्ज़ारा-ए-जमाल
मुद्दत हुई की आशती-ए-चश्म-ओ-गोश है

[ मुज़दा = good news; विसाल = meeting; नज़्ज़ारा-ए-जमाल = seeing a beautiful face; आशती = harmony/friendship/peace; चश्म = eye; गोश = air]

3.      मय ने किया है, हुस्न-ए-ख़ुद-आरा को बे-हिजाब
'आई शौक़, यां  इजाज़त-ए-तसलीम-ए-होश  है

[ मय = bar, ख़ुद-आरा = self adorer; हिजाब = veil; तसलीम = greeting]

4.      गौहर को इक्द-ए-गर्दन-ए-खुबां में देखना
क्या  ओज   पर  सितारा-ए-गौहर-फ़रोश  है

[ गौहर = pearl/game; इक्द-ए-गर्दन = necklace; ख़ुबां = a beautiful person/sweetheart; ओज = highest point/summit; फ़रोश = merchant ]

5.      दीदार, वादा, हौसला, साक़ी, निगाह-ए-मस्त
बज़्म-ए-ख़याल मैकदा-ए-बे-ख़रोश है

[ दीदार = appearance; बे-ख़रोश = quiet/dead]

6.      'ऐ ताज़ा  वारिदान-ए-बिसात-ए-हवा-ए-दिल
ज़िनहार गर तुम्हें हवस-ए-ना-ओ-नोश है

[ वारिदान = arrivals; बिसात = chess; हवा = desire/greed; ज़िनहार = beware!; हवस = lust/gred; ना-ओ-नोश = feasting/drinking]

7.      देखो  मुझे जो  दीदा-ए-इब्रत-निगाह हो
मेरी सुनो जो गोश-ए-नसीहत-नियोश है

[ दीदा= sight; इब्रत = admonition; गोश = air; नसीहत = advice;  नियोश = listener ]

8.      साक़ी   बा-जलवा  दुश्मन-ए-ईमान-ओ-आगाही
मुतरिब बा-नग़्म रहज़न-ए-तमकीन-ओ-होश है

[ आगाही = wisdom; मुतरिब = singer; रहज़न = robber; तमकीन = authority/power ]

9.      या शब को देखते थे; कि हर गोशा-ए-बिसात
दामां-ए-बाग़बां-ओ-कफ-ए-गुल-फ़रोश   है

[ गोशा = corner; बाग़बां = gardener; कफ = sleeve; गुल-फ़रोश = florist]

10.     लुत्फ़-ए-ख़ीराम-ए-साक़ी-ओ-ज़ौक़-ए-सदा-ए-चंग
यह  जन्नत-ए-निगाह  वो फ़िरदौस-ए-गोश  है

[ ख़ीराम = speed; ज़ौक़ = taste; सदा = sound; चंग = lute; फ़िरदौस = paradise; गोश = air ]

11.     या सूभ  दम जो देखिए आकर तो बज़्म में
नई वो सुरूर-ओ-सोज़ ना जोश-ओ-ख़रोश है

[ सुरूर = pleasure; सोज़ = passion/heat ]

12.     दग़-ए-फिराक़-ए-सोहबत-ए-शब की जली हूई
इक शम्मा रह गई है सो वो भी ख़ामोश है

[ फिराक़ = separation, सोहबत = company ]

13.     आते हैं ग़ैब से ये मज़ामीं खयाल में
ग़ालिब,  सरीर-ए-ख़ामा नवा-ए-सरोश है

[ ग़ैब = hidden/mysterious; मज़ामीं = topics; सरीर = scratching sound made by a pen; ख़ामा = pen; नवा = sound; सरोश = angel]


 

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